तुमने कुछ कहा...'s image
Poetry1 min read

तुमने कुछ कहा...

Dr. SandeepDr. Sandeep December 22, 2021
Share0 Bookmarks 196 Reads2 Likes

ना तुमने कुछ कहा ना मैंने कुछ कहा

और खामोशी का समंदर भरता गया..

ना तुमने कुछ सुना ना मैंने कुछ सुना

और दिलों का दर्द यूँ ही बढ़ता गया..

ना तुमने कुछ चुना ना मैंने कुछ चुना

और सफ़र-ए-ज़िंदगी में कारवां जुड़ता गया..

ना तुमने कुछ बुना ना मैंने कुछ बुना

और जज़्बातों के धागा यूँ ही कसता गया..

चलो तुम ही बताओ क्या और कहें हम

कशिश-ए-रंग-ए-मोहब्बत यूँ ही चढ़ता गया..!!

#तुष्य

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts