ना कुछ कहो...'s image
Poetry1 min read

ना कुछ कहो...

Dr. SandeepDr. Sandeep October 28, 2021
Share0 Bookmarks 51 Reads1 Likes

ना तुमने कुछ कहा ना मैंने कुछ कहा

और खामोशी का समंदर भरता गया

ना तुमने कुछ सुना ना मैंने कुछ सुना

और दिलों का दर्द यूँ ही बढ़ता गया

चलो तुम ही बताओ क्या और कहें हम

कशिश-ए-रंग-ए-मोहब्बत यूँ ही चढ़ता गया..!!

#तुष्य

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts