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हौसलों की उड़ान...

Dr. SandeepDr. Sandeep November 27, 2021
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अगर ऊँची उड़ान भरने का है ज़द

तो फिर न देख तू आसमाँ का क़द..

परिंदो से भी भर ऊँची उड़ान तू

फिर देख तू अपने पँखों की हद..

ज़िंदगी में तो आते हैं जज़्र-ओ-मद

लेकिन तुझे चलना है उम्र-ए-अबद..

पर साथ ही रहे तुझे हमेशा ये सनद

करना हमेशा तू दूसरों की मदद..

देखना होगा चारों ओर तेरा नाम

ता-अबद, ता-अबद, ता-अबद..!!

#तुष्य

जज़्र-ओ-मद: उतार-चढ़ा, उम्र-ए-अबद: अनन्त जीवन, ता-अबद: अनंत काल तक

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