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चाँदनी रात और तेरा साथ...

Dr. SandeepDr. Sandeep December 26, 2021
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एक रात हम दोनों बैठे यूँ ही जागते रहे..

वो हमें और हम उन्हें यूँ ही ताकते रहे..

वो शर्म से लबों के पीछे हँसी छिपाते रहे..

हम उनकी आँखों में यूँ ही झाँकते रहे..

रातभर हम उनसे नजरों से नजरें मिलाते रहे..

वो अपनी आगोश में मेरा सिर रख सहलाते रहे..

हम उनको अपनी ख़ूबसूरत नज़्में सुनाते रहे..

वो हमें बस यूँ ही प्यार पर प्यार जताते रहे..

बीच-बीच लबों से लब जाम से जाम मिलाते रहे..

पूरी रात उनके गुलाबी लबों की लाली बढ़ाते रहे..

वो कभी हमें हम कभी उन्हें यूँ ही सताते रहे..

मोहब्बत की शमा रात-भर यूँ ही जलाते रहे..!!

#तुष्य

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