आवाज़-ए-दिल (Part-1)...'s image
Poetry1 min read

आवाज़-ए-दिल (Part-1)...

Dr. SandeepDr. Sandeep May 11, 2022
Share0 Bookmarks 746 Reads2 Likes

जब वो माथे को चूमने के लिए पैरों को उठाती है

दोनों हाथ कंधे पर रख प्यार से लिपट जाती है..

---

सीने पर कान रख जब वो धड़कनों को बढ़ाती है

दिल से आती आवाज़ में अपना ही नाम पाती है..

---

मैं जब जाने लगता हूँ तो वो हाथ पकड़ मनाती है

नज़रों से होते हुए सीधा मेरी रूह में उतर जाती है..

---

ख़ुशबू उस के जिस्म की मेरी ज़िंदगी महकाती है

गुज़रें हुए लम्हों की यादें हर वक़्त झिलमिलाती हैं..

---

मैं तूझसे प्यार करता हूँ बस यही आवाज़ आती है

ख़ामोशी भरे लबों पर दास्तान-ए-इश्क़ गुनगुनाती है..!!

#तुष्य

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts