एकांत's image
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विरह-मिलन से व्यथित मन 
अब एकांत मुझको भाता है।
वेदना सह थका मेरा मन
अब विश्राम मुझको भाता है।
सबकी शिकायतों से घिरा मन 
अब विराम मुझको भाता है।
उत्तर- प्रतिउत्तर सहे मन
अब पूर्ण विराम मुझको भाता है।
रिश्तो से घायल मेरा मन 
अब ब्रह्म-धाम मुझको भाता है।


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