युद्ध's image
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सहत्रों वर्षो से

अनगिनत युद्धो के बाद भी

नही सीख पाए कि

लड़ना चाहिए किसके विरुद्ध

धरती की छाती पर

खींच दी गई लकीरो मे बंटे

लड़ते रहे

देश धर्म और जाति मे बंधे

अंधे बौने लोग

काश पनप सके

देश काल सीमाओ के परे

युद्ध से उजाड़ धरती की कोख से

कोई संस्कृति

जहां गाती रहे

निर्भय चिड़िया

निर्बाध शांति के लोकगीत



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