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ज़िन्दगी एक पहेली है

Dr. Aparna PradhanDr. Aparna Pradhan August 18, 2022
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ज़िन्दगी एक पहेली


ज़िन्दगी एक पहेली है

हर सुबह कुछ ख्वाहिशें ले कर आती है

शाम को कुछ तजुर्बा दे कर जाती है

शतरंज की बिसात बिछाकर 

मोहरा बनाकर इशारों पर दिन रात नचाती है  

कभी सरपट घोड़े की तरह दौड़ाती है तो…

कभी हाथी की मस्त चाल चलाती है

कभी खुशनुमा धूप बन कर…

प्यारा सा अरमान जगाती है

कभी दर्द भरा तूफ़ान ले आती है

 

ज़िन्दगी एक पहेली है…

आँख खुलते ही रोज़ गले लगाती है

 

सुना है चंद रोज़ की मेहमान होती है ज़िन्दगी

चाहे जितना भी गले लगा लो 

एक दिन बेवफ़ा हो कर साथ छोड़ जाती है

 

डा॰ अपर्णा प्रधान

मेरे शब्द मेरी पहचान

स्वरचित, सर्वाधिकार सुरक्षित

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