मसाला चाय | Quotes's image
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मसाला चाय | Quotes

Divya Prakash DubeyDivya Prakash Dubey June 16, 2020
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जो भी इंजीनियर एक दिन से ज़्यादा पढ़कर इम्तिहान दे वो इंजीनियर ही नकली है । जिसने भी अपने नोट्स बना के पढ़ाई की वो इंजीनियर भी नकली । लोग फालतू में ही doctors की हैंड-राइटिंग को कोसते रहते हैं । जिस इंजीनियर को सुबह का अपना लिखा हुआ शाम को समझ में आ जाए वो इंजीनियर भी नकली । इंजीन्यरिंग की असल बात यही है कि कॉलेज की लड़कियों के बनाए हुए नोट्स को एक रात में पढ़ लेना अगले दिन इम्तिहान में जाके उल्टी कर आना और एक दिन में जो भी पढ़ा था उसको इम्तिहान के 3 घंटे में लिखने के तुरंत बाद भूल जाना । अगर इससे ज्यादा टाइम तक आपको अपना पढ़ा हुआ याद रहता है तो बंदा हिंदुस्तान के किसी भी कोर्स के लिए तो फिट हो सकते हैं लेकिन इंजीन्यरिंग आपके लिए नहीं है”



एक उम्र होती है जब क्लास की खिड़की से बाहर आसमान दूर कहीं जमीन से मिल रहा होता है और हमें लगता है कि शाम को खेलते-खेलते हम ये दूरी हम तय कर लेंगे। दूरी तय करते-करते जिस दिन हमें पता चलता है कि ये दूरी तय नहीं हो सकती, उसी दिन हम बड़े हो जाते हैं”



हिंदुस्तान के कई छोटे बड़े शहरों में माँ का सबसे बड़ा सपना यही होता है कि उसके बच्चे आपस में हमेशा फर्राटेदार इंग्लिश में बात करें खासकर के पड़ोस वाली आंटी जी के घर आने पर”



“मेरे साथ के कई लड़के तो पूरे कॉलेज में फलानी बंदी से इसीलिए बात शुरू भी नहीं कर पाये क्यूंकी वो बंदी केवल अँग्रेजी में बात करती थी। हालांकि जो भी लड़के इंग्लिश नहीं बोल पाते थे और उस बंदी से बात करना चाहते थे वे हमेशा कहते रह“प्यार की कोई भाषा नहीं होती है”े



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