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मेने अपने अलावा हर किरदार कोई अहमियत दी

divuthakkar1divuthakkar1 September 11, 2022
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मेने अपने अलावा हर किरदार को अहमियत दी


ज़माने से नही, खुद से नाराज़ होने लगा

कोई समझ ना सके कुछ ऐसी कहानी बन ने लगा

आग का नहीं, डर का एक समंदर है यहां

बेबसी का मंज़र है, बंजर ज़मीन में मेरा घर है

कभी फुर्सत लेके आना ,

यहां हर चीज टूटी नज़र आएगी

मेरी कहानी शायद तुम्हे अपनी नज़र आएगी


मेने अपने अलावा हर किरदार को अहमियत दी


कहानी हमारी है ,ये हम भूल जाते है

खुद को खो कर कही दूर चले जाते है

रूह चीखती है पर इस भीड़ में

किसी को आवाज़ कहा सुनाई देती हे,

यहां लोग तोह सीधे नतीजा सुना देंगे

तुम जो हो भी नहीं, तुम्हे वैसा दिखाते है

पर दुसरो को छोड़ कर अब खुद को समज लो

हर दिन एक हसीन पन्ना लिख दो

ज़िदगी जी कर भी देख लो


मेरा अपना किरदार जैसे शीशे की तरह टुटा है

टूट ने के बाद भी ये चमक रहा है

पर अब इसे जोड़ना भी है

माना अब जोड़ना मुश्किल है

पर नामुमकिन तोह नहीं,

जोड़ ने बाद शायद फिर ये टूटेगा

पर अब मेरा किरदार मुझसे नहीं रूठेंगा writer - Divya Raiya

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