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नेत्रदान~देखती रहेगी सपने हरदम

Dilip LalwaniDilip Lalwani February 9, 2022
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कभी भी ये साँसे रुक जाएगी एकदम,
दिल की धड़कन हो जाएगी मद्धम,
जबान भी हो जाएगी
 बंद,
तब रह जाएंगे ये रंजोगम,
कि क्यों  कर लिया,
  ये जन्म,
कुछ ऐसा करें 
करम,
कि साँस लेती रहेगी ये आंखे हरदम,
बोलती रहेगी गूंगी बातें 
हरदम,
देखती रहेगी सपने हरदम।
और चलती रहेगी 
समय के साथ 
छमछम।

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