दिवाली में's image
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फुलझड़ियों के पैसे तुम भी ,

कर दो दान दिवाली में ।।

ख़ुद के हाथों बिक ना जाए ,

स्वाभिमान दिवाली में ।।

बच्चों के इस भूखे तन को ,

किस मज़हब का चादर दूँ।।

सड़क किनारे सिसक रहे थे ,

कूड़ेदान दिवाली में ।।


मिष्ठानों का वितरण कर तुम ,

पा गए मान दिवाली में ।।

भूखे  कंधे आकर मिलते ,

हैं  शमशान दिवाली में ।।

छप्पन  इंची वाले  सिने  ,

पर कैसे अभिमान करूँ ।।

बिलख रहे थे देख के हालत ,

कूड़ेदान दिवाली में ।।


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