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मजबूर नहीं करेंगे

देवांश कौशिकदेवांश कौशिक February 19, 2022
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तुम्हारा आना एक सुंदर स्वप्न था हमारा 
हमने तुम्हे ऐसे चाहा , कोई चाहे न दोबारा
तुम्हारी हर इच्छा को हमने स्वीकारा
यह भी स्वीकार लेते हैं ,तुम नहीं थे हमारे
कैसे रोक उस पानी को जो आता है आखों से खारा ।
ये यादों का मकान जो तुमने बनाया था ,हम यहीं जीवन बिताएंगे
जो दर्द तुमने दिया प्रेम सुमन मान सहेंगे
अगर तुम्हे याद कभी आए ,तो बता देना
हम तुम्हारे रहेंगे सदा यही कहेंगे ,
तुम खुश रहो यही वंदना रोज करेंगे ।
जब चाहो तब आ सकते हो ये पट सदा खुले रहेंगे 
तुम्हे मजबूर नहीं करेंगे

~ देवांश कौशिक

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