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तुझमे और मुझमे

बस यही फर्क है,

तुम सोचकर

रिश्ता निभाते हो,

मैं बिन सोचे

निभाता जाता हूँ।

तुम कहने पर

भी अनसुना

कर देते हो,

मैं बेवजह, बेवक़्त

तुमसे मिलने

चला आता हूँ।





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