तेरा आना's image
Share0 Bookmarks 27 Reads0 Likes
तबियत जो मेरी नसाज़ थी 
तूने नब्ज़ को छुआ भी नहीं
और मेरा हाल बता दिया
मैं मरने की दुआ करता था
उस खुदा से दिन रात
तूने इतना रक्खा मेरा ख़्याल
के मुझे जीना सिखा दिया

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts