फर्ज's image
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मुझे वापस गांव है, जाना 
आ गया असोज का महीना
 तुम समझो ना इसे कोई बहाना 
 मुझे बेटा होने का फर्ज है, निभाना 
 गांव में तैयार है, फसल का दाना दाना
 जिसको अब अपने घर समय पर है, लाना
 तुम ना समझो इसे कोई बहाना
 असोज में मुझे वापस गांव है, जाना

दीपक (बेख्याली)

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