जीवन का सार's image
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निकलकर अपने शिकायतों के पिंजरे से बाहर
एक रात रैन बसेरे में गुजार
 एक रात समझ जीवन का सार 
अपनी शिकायतों का कद लगेगा कम
देखकर छोटे-बड़े निशान
याद कर मां का उसूल पुराना
अक्ष तु मत बहाना
जो भी मिला नहीं है वह कम
 कितना अच्छा है, अपना वह मकान पुराना 
निकल कर अपने आशियाने से बाहर
एक रात समझ जीवन का सार

दीपक (बेख्याली)

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