उठ जाग's image
Share0 Bookmarks 34 Reads0 Likes
उठ जाग गया अंधेरा 
देख पंछी लाए सवेरा
उन्मुक्त गगन में पंख पसार
जीवन को दे अपने  नया सार
कोशिश में अपनी जोश जगा
इस सुबह को जीवन का सवेरा बना
आंखे खोल उजाला देख 
इसमें छिपा है अस्तित्व तेरा
अंधेरा तो एक गुमनाम समंदर है
जिसमे नहीं कोई वजूद तेरा
खुद को तलाश फिर से एक बार 
पंख पसार उड़ान भर 
बना कामयाबी की शिखर पर डेरा
उठ जाग गया अंधेरा 
देख पंछी लाए सवेरा
           
          दीपक

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts