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मैं टूटा इस कदर

DeepakDeepak January 29, 2022
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मैं टूटा इस कदर 
बिखरा हूं दर बदर 
तुझको खबर नहीं कोई 
मैं रहता हूं किधर 

साथ थे हम कभी 
होता यकीं ही नहीं
लगता है बिछड़े ही थे हम
मिले तो कभी थे ही नहीं 
अब बाकी नहीं सब्र
है तन्हाईयां  हमसफर
तुझको खबर नहीं कोई
मैं रहता हूं किधर

मैं टूटा इस कदर 
बिखरा हूं दर बदर 
तुझको खबर नहीं कोई 
मैं रहता हूं किधर

वक्त जैसे थम सा गया है
खुशी या गम कुछ पता नहीं
जिस्म जैसे रह गया है
रूह तो बची ही नहीं 
तू आके मिल जा सही
तू मिल जा पल भर 
तुझको खबर नहीं 
मैं रहता हूं किधर

मैं टूटा इस कदर 
बिखरा हूं दर बदर 
तुझको खबर नहीं कोई
 मैं रहता हूं किधर

 आंखों में चेहरा है तेरा 
 लबों पे तेरा ही जिक्र 
 एक तू ही याद है मुझे
 नहीं बाकी कोई फिक्र 
 खत्म होती ही नहीं
 जाने कैसी डगर
तुझको फिक्र नहीं 
मैं रहता हूं किधर

मैं टूटा इस कदर 
बिखरा दर बदर 
तुझको खबर नहीं कोई
 मैं रहता हूं किधर

            दीपक

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