जुनून's image
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अजीब सा जुनून है
एक पल ना सुकुन है
कही भी मैं ठहर न पाऊं
न खुद की पहचान है
ये जग अनजान है
जाऊं तो मै कहां जाऊं
हर पल एक नई शुरुआत है
हर कदम पर एक नई मुलाकात है
आज तुम्हारे साथ तो कल किसी और के साथ है
जिंदगी का कारवां यूंही चलता रहेगा
हर सुबह एक नया सूरज निकलेगा 
हर शाम ढल जायेगा
अब तो आलम ये है यारो
इन सबकी आदत सी हो चली है
पता नही कैसे कायदे है इसके
जाने कैसा कानून है
अजीब सा जुनून है

        दीपक

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