मेरी प्यारी माँ's image
Poetry1 min read

मेरी प्यारी माँ

Deepak ChaudharyDeepak Chaudhary December 11, 2022
Share0 Bookmarks 44 Reads1 Likes
मेरी प्यारी माँ 
तू घर की कर्णधार
तू ही घर की सूत्रधार 
तू घर की लक्ष्मी,
तू ही घर की सरस्वती



मेरी प्यारी माँ
मेरे हर गलतियों पर डाँटा करती है, पर प्यार से बेटा भी बुलाती है।
हमेशा कहती रहती है: अब न करेंगे कुछ तुम्हारे लिए, पर साथ हमेशा खड़ी रहती है।
मुझे कोई परेशानी न हो, इसलिए खुद सारी परेशानियों का सामना करती है।




मेरी प्यारी माँ 
आज भी याद है वो बचपन के दिन, खुद पढ़ना नहीं आता, पर मैं पढूँ इसलिए साथ बैठी रहती थी।
खुद कभी स्कूल नहीं गयी, पर मुझे रोजाना स्कूल भेजा करती थी।
हमारा बेटा बड़का अफसर बन जाए , इसके लिए एक- एक पैसा इकठ्ठा करके हमें पढ़ाती थी।


मेरी प्यारी माँ
अपने जरूरतों का भले ध्यान न रखे, पर हम सब के जरूरतों का ध्यान रखतीं हैं।


~दीपक चौधरी 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts