तुम भी's image
Share0 Bookmarks 21 Reads0 Likes

किस गली

वहाँ

जहाँ जिंदगी रहती थी कही

या वहाँ

जहाँ धाराएं

विपरीत सी...


तुम भी न

अजीब हो

बातें भी अजीब ही करते हो

फलक की बात और चाँद पे जज्बात


चलने का हुनर नहीं आया अबतक

और सितारों पे रात

जिंदगी है मेरे दोस्त

हर सांस को इम्तिहान देना पड़ता है

वो भी उसकी मर्जी से


हाँ ये अलग बात है

अपने हिस्से की स्याही हमही देते हैं उसे


वो तो बस

लिखता है

हमारे हिस्से की कलम

आखिर खुदा है...न !


©

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts