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बूंद जो छुए..

Dr. Vijit DabasDr. Vijit Dabas April 6, 2022
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बूंद जो छुए तुम्हे तो शराब हो जाए 
हकीकत जो टकराए तो ख्वाब हो जाए
क्या करे डबास अगर कमजोर हो दिल 
तेरे देखने भर से चांद आफताब हो जाए 

की तू पढ़े तो मशहूर किताब हो जाए 
तू दिखे अगर तो डबास गालिब हो जाए 
काली घटा के उस पार कहीं बरसात में मिल
तुझे पूजे हर शाम तू उसका मजहब हो जाए 

की आ मिलाऊँ तुझे तुझ से 
जो ये सांसे थोड़ी करीब हो जाएं 
तेरी धड़कनों पे गीत लिखूं 
मोहब्बत की नई रीत लिखूं
लिखूं कहानी ऐसी प्यार की 
की सुने कांटा भी तो गुलाब हो जाए ।।

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