यकीं तो होने दो's image
Love Poetry1 min read

यकीं तो होने दो

Confused DiaryConfused Diary June 16, 2020
Share0 Bookmarks 36 Reads0 Likes

यकीं तो होने दो


अभी उनको ज़रा हसीन तो होने दो

ये महफ़िल ज़रा रंगीन तो होने दो


हम खुद ही इश्क़ में कैदी हो जाएं

अरे! जुर्म ज़रा संगीन तो होने दो


अब नशा तो बस उनसे ही चढ़ता है

इस शराब की ज़रा तौहीन तो होने दो


बस नज़रो से नज़रें मिली है अभी

उन्हें इश्क़ का ज़रा शौक़ीन तो होने दो


इन ख़्वाबों में ही, मैं अब गिर जाऊंगा

मेरे पैरों तले ज़रा जमीन तो होने दो


उनके हाथों में हाथ हमारे भी होंगे

उन्हें, हम पर ज़रा यकीन तो होने दो


- आयुष



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts