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Kumar VishwasPoetry1 min read

ख़्वाबों का कातिल

Ayush soniAyush soni July 28, 2022
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कल कुछ ख्वाब खरीदे है मैंने

ख्वाबों के बाज़ार से

कुछ दिनों तक पालकर बड़ा करूंगा इन्हे

और फिर फेक दूंगा

जिम्मेदारियों कि ऊंची इमारतों से


और बन जाऊंगा फिर से

इन ख्वाबों का कातिल।

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