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मैं तो उड़ना चाहती हूँ

Chitra Ka PushpakChitra Ka Pushpak October 23, 2021
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मैं तो उड़ना चाहती हूँ

खुले आसमान में उड़ते परिंदे की तरह,

ना कोई डर हो ना कोई गम,

बस पंखों को फैलाकर अपने दम पर,

मंजिल को पाना चाहती हूँ

रे - जिंदगी में तुझसे मायूस नहीं,

बस में सदा उमंग की तरंगों को,

बांटते रहना चाहती हूँ

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