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दोबारा पूछने की हिम्मत नहीं हुई

Chitra Ka PushpakChitra Ka Pushpak October 22, 2021
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प्रेम का अर्थ है 'कृष्ण'

जैसे आदर्श का अर्थ 'राम'

और शांति का अर्थ है 'बुद्ध'

मैंने प्रेम को आदर्श के साथ शांति की ओर बढ़ते देखा है

जिसके मन में न कोई राग था न विराग का दृढ़ संकल्प

वह बिल्कुल नदी की धारा की तरह चंचल भी नहीं था

मैंने पूछा- कौन?

कड़कती आवाज़ में बोला - 'प्रेम'

दोबारा पूछने की हिम्मत नहीं हुई।

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