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मैं और वो ❣️

charu Mohancharu Mohan July 5, 2022
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वो शाखे ताल सी
मैं गांव का बरगद सा
वो सिमटी हुई मासूम सी
मैं आज़ाद मनिश फैला सा

मैं उसके बाप से डरता हूं
वो कहते हैं, पैसे कमाओ
पर उससे इंतहा मोहब्बत है
कहती है, मेरे लिए मुस्कुराओ

उससे जिंदगी में शजरकारी
मैं सख्त माहौलियात सा
वो निर्मल बहती गंगा सी
मैं बनारस के तट सा
उसके होने से मैं हूं
कोन चाहेगा मुझे उस सा 

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