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खुशियों का विस्तार

charu Mohancharu Mohan June 10, 2022
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खुशियों का विस्तार बहुत है
जीने के आसर बहुत है

जो तुम चाहो
बस वही है खुशियां
यह खयाल बेकार बहुत है

देखो कभी जी कर
उसके लिए भी, जिसको
तुमसे प्यार बहुत है 

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