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खोज ज़ारी रहे

charu Mohancharu Mohan June 6, 2022
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खुद में खुदी की खोज ज़ारी रहे
निराशा पर उम्मीद भरी रहे

आज फिर ललकारा है अंधेरों ने
कह दो दियो से,
अपनी भी पूरी तयारी रहे

पता है मुझे , मैं जुगनू हूं
क्षण में मर जाऊंगा
पर एक क्षण ही सही
मेरा यह क्षण अंधेरों पर भारी रहे

मिटने से पहले ,
अंधेरे की चादर में सुराग कर जाऊंगा
अपने से इतनी ईमानदारी रहे 

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