अनजाना सफर's image
Poetry1 min read

अनजाना सफर

charu Mohancharu Mohan June 6, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
जिंदगी का यह अनजाना सफर
इसमें कोई कब मिले 
कोई कब बिछड़े 
कुछ नही है खबर

अनजाने सफर के डर 
भी अनजाने है
और 
उम्मीदें भी अनजानी है

जाने पहचाने लोगो से
तो अनजाना डर अच्छा है
क्योंकि,,,,,
उसे नही पता है की ,
तुम्हे कहा दर्द होता है

अनजाने लोग अपनों से
कम तकलीफ देते हैं 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts