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अमानत तुम्हारी

charu Mohancharu Mohan June 7, 2022
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साहिब,यह मेरी चादर नही
दुनिया से परदेदारी है
जो में छुपाती हूं सबसे
वो अमानत तुम्हारी है

मैं जमीन हूं
मुझ पर भर है सबका
तुम्हारा क्या है ,,,,,तुम आसमान हो
तुम्हारी परिंदो से यारी है 

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