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तुम्हारी पहचान

ManishaManisha August 21, 2022
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तुम्हारी  पहचान तुम्हारे कर्मों से है

कर्म वो जिसमें फल का लालच ना हो 

कर्म वो जो आपके इंसान होने का प्रमाण हो

कर्म वो जो अनजान के चेहरे पर हँसी लाए

कर्म वो जो ईश्वर से नज़रें मिलाने के क़ाबिल बनाए

कर्म वो जो किसी के सुखी जीवन का आधार बने

कर्म वो जो आपको निष्पक्ष निर्णय लेना सिखाए

कर्म वो जो आपको उनसे कुछ तो अलग बनाए

और इन कर्मों के कर्ता बनोगे तुम !

क्यूँकि तुम्हारी पहचान तुम्हारे कर्मों से है


  

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