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ये ज़ख्म भर क्यों नहीं जाते

Bushra QuraishiBushra Quraishi April 23, 2022
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तुम नज़रों से उतर रहे हो,

दिल से भी उतर क्यों नहीं जाते।

क्यों जी रहे हो मुझमें,मैं बनकर,

तुम आखिर मर क्यों नहीं जाते।।

कहते हैं वक्त इलाज है हर तकलीफ का,

तेरे दिए ज़ख्म फिर भर क्यों नहीं जाते।।

यादों के परिंदे भटक रहे हैं तेरी तलाश में

इनसे कह दो,ये अपने घर क्यों नहीं जाते।

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