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आहिस्ता-आहिस्ता

Bushra QuraishiBushra Quraishi September 3, 2021
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मेरी आँखों को समुंदर समझकर

वो डूबने लगे हैं आहिस्ता आहिस्ता

आँखों में देखकर इस कदर प्यार से

आँखों को चूमने लगे हैं आहिस्ता आहिस्ता

कुछ तो साज़िश है यकीनन क़ायनात की

हर रोज़ होने वाली मुलाकात की

वो जिनको नफरत थी मयकशी से कभी

इश्क़ में मेरे वो झूमने लगे हैं आहिस्ता आहिस्ता

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