तुम मेरे दिल से चले क्यूँ नहीं जाते?'s image
Poetry1 min read

तुम मेरे दिल से चले क्यूँ नहीं जाते?

Brijesh ChaturvediBrijesh Chaturvedi August 26, 2022
Share0 Bookmarks 193 Reads0 Likes
यूं अकेले बहुत मुश्किल है ज़िन्दगी का सफर
हर इक इंसान को इंसान की जरूरत है ।

ठोकरें खाएं, झुकें, लड़खड़ाएं, या कि गिरें 
शिकस्तगी कुछ भी हो, भगवान की जरूरत है ।

गरज भी है, घटा भी, सावन भी, झूले भी हैं 
मेरी आवारगी को बस तेरे पैगाम की जरुरत है ।

तुम मेरे दिल से चले क्यूं नहीं जाते हो दोस्त
क़त्ल के बाद इसे आराम की जरूरत है ।

-ब्रजेश

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts