Kaash's image
Share0 Bookmarks 73 Reads0 Likes

उसको देख के लोग कहे हैं पागल तो मै ठीक हुआ हूँ

मेरी जगह कोई और भी होता हश्र तो सबका एक ही होता

ख्वाब तो वो भी देखती होगी वो भी संजोती होगी सपने

उसके ख्वाबो की माला में काश एक मोती मै भी होता

दुनिया में जिन जानवरो की ज़िन्दगी हमने बदतर की है

वो इतना तो सोचते होंगे आदमी न होता बेहतर होता

उसने जो भी सोच लिया है वो न हो ये हो नहीं सकता

मेरा भी इरादा काश की उसकी तरह फौलादी होता

उससे नज़रें मिलते ही क्यों मेरी नज़रें झुक जाती हैं

मैंने अपने ही मेहबूब को कभी आँख भर के नहीं देखा

उसका वज़ूद ही लोगों में उसका एहतिराम भर देता है

बेइज़्ज़त क्या करेगा कोई उसका कहा किसी से न टलता

चाहता वैसे हूँ उसको पर मुझमे कुछ भी खास नहीं है

हाँ गर फिर भी वो मुझे चाहे सोचो कितना अच्छा होता

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts