ताँती's image
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ताँती जैसे बुन रही थी रिश्ते को

पर रिश्ता हि कैची से था

कुछ न बच सका..

बिखरे धागे भी बुनने कोशिशे की,

पर क्या करे रिश्ता ही जो कैची से था...


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