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ऱचना कविताओ कि

Bhumika parmar BhumikaBhumika parmar Bhumika December 29, 2021
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कविताए कभी सरल होती हि नही क्योकी,

वो कभी सहज भाव से बनी हि नहि,

वो तो हमेशा से ही गहरे से गहरे दुःख,

और सोच के परे मिले सुख कि रचना रही है...

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