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वास्तविक अलंकार

Bharti  TripathiBharti Tripathi December 15, 2021
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लदी हुई तुम आभूषण से
हे नारी! 
सौंदर्य की पराकाष्ठा
बन जाती होगी निश्चित ही।
ललाट पर ये लाली 
तेज प्रदान करती होगी
मुख की आभा
सम्पूर्णता की अनुभूति 
कराती होगी निश्चित ही।
पर क्या ये हैं तुम्हारे 
वास्तविक आभूषण? 
न धारण करो तो मिट जाएगी
वो आभा वो सौंदर्य 
या सम्पूर्णता?

नहीं! वास्तविक नहीं!
नश्वर हैं ये अलंकार! 
इन्हें पहनो.. सुशोभित हो 
पर तुम्हारा सच्चा अलंकार है.. 
तुम्हारा सशक्त व्यक्तित्व 
तुम्हारी सुंदर सोच 
तुम्हारी उच्च और 
परिष्कृत विचारधारा.. 
जो बनाते हैं तुम्हें सम्पूर्ण.. 
आभावान.. तेजवान 
चिर लावण्य प्रदान करने वाले 
चिरस्थायी अलंकार 
वास्तविक अलंकार।

                           -भारती

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