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शराब नहीं मैंने कलम उठा ली

Bharat SinghBharat Singh June 4, 2022
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मुश्किल हो गया था

हमारा एक होना

तोड़ नहीं पाए हम

सामाजिक बेड़ियां

लांग नहीं पाए हम

समाज की दीवारों को

जटिल हो गया था

हमारा मिलना..

इज्जत रख ली मैंने अपने प्यार की

देवदास नहीं मैं कवि हो गया

शराब नहीं मैंने कलम उठा ली


जीना सीख लूंगा मैं तुम्हारे बिना 

मुश्किल है लेकिन मैं यह काम करूंगा

मर के नहीं मैं 

अपनी मोहब्बत को बदनाम करूंगा

शराब नहीं मैंने कलम उठा ली

तुम्हारी दूरी ने

मुझे लिखना सिखा दिया

तुम्हारे प्यार ने

मुझे कवि बना दिया

लिखूंगा मैं अपने तन्हाई को 

लिखूंगा मैं हमारे प्यार की सच्चाई को 

लिखूंगा मैं हमारी प्रेम कहानी 

'कविता मेरी प्रियसी'

देवदास नहीं मैं कवि हो गया

शराब नहीं मैंने कलम उठा ली


सुनो ना 

तुम अपनी बेटी को सुनाना 

हमारी प्रेम कहानी 

'कविता मेरी प्रियसी'

समझाना तुम उसको 

प्यार के सही मायने

प्यार है जीने का नाम  

प्यार है त्याग का नाम 

प्यार है तपस्या का नाम 

प्यार है देने का नाम  

प्यार है साहस का काम 

प्यार है प्यार का नाम

प्यार है कविता का नाम

'कविता मेरी प्रियसी'


तुम अपने गुलाबी होठों से 

चूम कर लांच कर देना

हमारी प्रेम कहानी 

'कविता मेरी प्रियसी' 

मेरे होठों से तुम लिप लॉक कर

अगले जन्म में मिलने का वादा कर देना 

हमारे प्यार को एक नाम दे देना 

अपने बेटे का नाम तुम

मेरे नाम पर रख लेना

लिखूंगा मैं हमारी प्रेम कहानी 

'कविता मेरी प्रियसी'

देवदास नहीं मैं कवि हो गया

शराब नहीं मैंने कलम उठा ली

       ~भरत सिंह




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