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प्रेमियों की मंजिल

Bharat SinghBharat Singh August 7, 2022
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प्रेमियों की मंजिल एक

लेकिन..

बहुत दूर बहुत दूर 

एक दूसरे से बहुत दूर हैं

मंजिल एक

फासले अनेक 

तन्हाई जुदाई आंसू 

बाधाएं अनेक

सामाजिक दीवार 

संचार बंद ,पाबंदियां अनेक

विलेन अनेक कैसे होंगे एक?

सुना है सच्चे प्रेम की नाव को किनारा नहीं मिलता!

हार जाएंगे, टूट जाएंगे या फिर हो जाएंगे एक?

कोशिश है जारी दौड़ है जारी..

प्रेमियों की मंजिल एक

होना है उनको एक

~ भरत सिंह


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