मुझे उम्रकैद सुना दो's image
Poetry2 min read

मुझे उम्रकैद सुना दो

Bharat SinghBharat Singh June 11, 2022
Share0 Bookmarks 332 Reads1 Likes

प्यार हो गया है मुझे

दिल दे दिया है

मैंने प्रियसी को

मेरे से ये हसीन गुनाह हो गया 

क्या होगा अंजाम मेरा

तुमसे प्यार करने की 

मुझे कोई सजा सुना दो 

बाहों में मेरे रहो हमेशा तुम

ऐसी मुझे उम्रकैद सुना दो


लूट ली मैंने तुम्हारी

आंखों की मस्तियां  

लूट ली मैंने तुम्हारी 

यौवन की भरी प्याली 

चुरा ली मैंने तुम्हारे 

कानों की बाली 

छुप गया मैं तुम्हारी 

जुल्फों के जंगल में 

रेड कर दो तुम प्यार वाली 

लगा दो मुझे हथकड़ी

अपनी बाहों की

मैं मुजरिम हूं तेरा 

मुझे सजा सुना दो

बाहों में मेरे रहो हमेशा तुम

ऐसी मुझे उम्रकैद सुना दो


तुम ही मेरी जज हो 

तुम ही मेरी जेलर हो 

तुम ही मेरी प्रेमिका

मुझे अपना कैदी बना लो

उम्र कैद से भी खुश नहीं तुम

तो सातों जन्म रहूं तुम्हारा 

मुझे ऐसी सजा सुना दो

मैं हमेशा रखूं खुश तुम्हें

ऐसा आदेश सुना दो 

बनो तुम मेरे बच्चों की मां

ऐसा फरमान सुना दो 

बाहों में मेरे रहो हमेशा तुम

ऐसी मुझे उम्रकैद सुना दो

मैं मुजरिम हूं तेरा 

मुझे सजा सुना दो

मुझे उम्रकैद सुना दो


नहीं हो सकती मेरी तुम

तो मुझे फांसी सुना दो  

मैं तुमसे प्यार करता हूं 

मुझे अपना परिणाम सुना दो 

मुझे न्याय दे दो

मुझे न्याय दे दो

बाहों में मेरे रहो हमेशा तुम

ऐसी मुझे उम्रकैद सुना दो

मैं मुजरिम हूं तेरा 

मुझे सजा सुना दो

मुझे उम्रकैद सुना दो

   ~भरत सिंह

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts