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कविता मेरी प्रियसी 'शायरी संग्रह'

Bharat SinghBharat Singh July 3, 2022
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"आज फिर बारिश आई है 

आज फिर बिजली कड़की है

लिपट जाओ मेरे सीने से 

पगली क्यों देर करती है"

       

"आज मेरी गुड नाइट नहीं थी 

लेफ्ट में जो तुम नहीं थी"

        

"आज रात मैं सोया नहीं था 

 आज रात मैं रोया बहुत था 

 आज रात तुम याद आई थी 

 आज रात तुम याद आई थी"

 

 "मैं तुम्हें लिखना चाहता हूं 

 मैं तुम्हें जीना चाहता हूं

 मैं तुम्हें पाना चाहता हूं"


"सावन आ गया गया है 

        रंग तुझको चढ गया है"


"तुम से जुड़ी हर चीज से मैं प्यार करता हूं

          क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूं"


"आज दुनिया मुझे सुंदर सी लग रही है 

         प्रियसी ने आज मुझे प्यार किया है "


"ढूंढ रहा था मैं तुझे जंगल में 

         छिपी बैठी थी तुम मेरे दिल में"


"झूठ से मुझे बड़ी नफरत है

      प्यार में जो तुमसे सच्चा करता हूं"


"खुश रहा कर तू मेरा प्यार है 

       प्यार किया कर मैं तेरा यार हूं"

  

"हम उनसे प्यार करते हैं 

         इसलिए वो मगरूर हो गए"


"तुम्हारे प्यार में यह क्या जादू है 

                  मैं शायर हो गया, मैं हो शायर गया  

  मैं फेमस हो गया, मैं फेमस हो गया "


"क्यों मिलाई थी आंखें मुझसे?

        बना लिया ना दीवाना अपना!"


"लगा ले गले ,बना ले मुझे अपना

           बेदर्दी दुनिया में, मैं ही हूं तेरा अपना!"

                                     

"आग जल रही है सीने में

                 तुमसे मिलने की बेचैनी है!"

                                   

 "मैं तुझ पर अटक गया हूं 

               लपक ले मुझको मौका है"

  

  "लिख कर ले लो 

      मैं लिख कर तुम्हें 

अपना बनाऊंगा"

          ~ भरत सिंह

                              ~ भरत सिंह

                

          

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