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कविता मेरी प्रियसी 'शायरी संग्रह-4'

Bharat SinghBharat Singh August 13, 2022
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"मैं प्यार की कविताएं लिखता हूं

क्योंकि मैं कविता से प्यार करता हूं

जिसका प्यार ही कविता हो

उसका कवि बनना तो लाजमी है।"


"टूटा फूटा लिखता हूं , अधपका लिखता हूं

तुम्हारे चेहरे पर आए हंसी इसलिए लिखाता हूं

यह मेरे प्यार करने का तरीका है मैं तुमसे प्यार करता हूं "


"तुम मेरी कविता हो

तुम मेरी कहानी हो"


"तुम्हारी दूरी ने

मुझे लिखना सिखा दिया

तुम्हारे प्यार ने

मुझे कवि बना दिया"


"मैं पढूंगा तुम्हें

मैं लिखूंगा तुम्हें

ऐसे रोज तुम्हें अपना बनाउंगा"


"जब से मैंने तुम्हारे प्यार में लिखना शुरू किया है

तुम्हारे साथ-साथ मुझको स्वयं से भी प्यार हो गया है

मैं जीना चाहता हूं , तुम्हारे लिए जीना चाहता हूं। "


"तुम्हारे लिए लिखता हूं , तुम्हारे लिए गाता हूं

तभी तुम्हें कॉन्फिडेंस से आई लव यू कह पाता हूं "


"इतनी याद ना आया करो

तुम्हारे प्यार में मैं शायर हो जाऊंगा "


"मेरे चेहरे पर मायूसी क्यों?

मेरी प्रियसी मुझसे दूर क्यों?

मेरे साथ यह नाइंसाफी क्यों?"


"दीवानों की कहानियां पढ़ने वालों

लैला मजनू के किस्से सुनने वालों

मुझे देख लो दीवाने कैसे होते हैं"


"तुम मेरी दीवानगी को देख कर डर मत जाना

दीवाना हूं मैं तुम्हारा डाकू नहीं"


"कोई शेयर ना करें मुझे

कोई सब्क्राइब ना करें मुझे

अकेलापन मुझे बहुत पसंद है"


" शहर मुझे अच्छा नहीं लगता मैं जंगली हो जाना चाहता हूं तुम्हारे साथ"

  

"ईश्वर तुम्हारे घर में न्याय होना चाहिए

जन्म दिया मुझे तो वह हर जन्म मेरी होनी चाहिए"


"तुम्हारे हाथों की मेहंदी का रंग भी साफ साफ कहता

     प्यार तुम मुझसे बहुत गहरा वाला करती है"


"वह बिजली है तो मैं बादल हूं 

वह कड़कती है तो मैं बरसता हूं'


~ भरत सिंह

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