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कविता मेरी प्रियसी 'शायरी संग्रह-3'

Bharat SinghBharat Singh July 7, 2022
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"तुम मेरी कविता हो

तुम मेरी प्रेम कहानी हो ।"


"गुलाब की गुलाबी भी

तुम्हारे होठों की उधारी है"


"आंखों में तुम्हारी मैंने नूर देखा है

मेरे लिए एक जुनून देखा है"


"वह करीब आकर एहसास जगा गई

अब वह दूर गई तो दीवाना बना गई !"


"सपने में जब तुम आती हो

मेरी जब तुम हो जाती हो

वादे सारे तुम निभा जाती हो"


"मिलन हमारा नामुमकिन सा है

प्यार हमारा राधा कृष्ण सा है"


"जब से तुम्हें खिलखिलाता देखा है

तब से दिल में मेरे चैन आ गया है"


"तुम्हारी खुशी में मैं अपनी खुशी ढूंढता हूं

तुम्हारी हंसी में मैं अपनी हंसी देखता हूं "


"तुम्हारे प्यार में मैं जब तड़पता हूं

तब मैं कलम उठा लेता हूं"


"तुम हंसती रहो हमेशा

तुम मेरी बनो हमेशा"


"सुबह आइना देखा मैं बड़ा हैंडसम लग रहा था

"याद आ गया रात को तुमने चूम जो लिया था"  


"ईश्वर ने मुझे आदेश दिया है

प्यार तुम्हें दिलोजान से करना है


"मैं प्यार कर रहा हूं

मैं ईश्वर को पा रहा हूं "

~ भरत सिंह




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