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दर्द में थी तुम

Bharat SinghBharat Singh December 29, 2022
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दर्द में थी तुम

अक्ल जाड़ आ रही थी तुमको

बात नहीं मुझसे कर सकती थी

थोड़ी तो अकल लगा लेती

पढ़ लेती मेरा लिखा हुआ

तुम्हें खुश रखने के लिए ही तो सब लिखा है

यूं मानो तुम्हें ही तो लिखा है

माना मेरे से बात ना करना मजबूरी है

गूगल बाबा से मदद मांग लेती

गूगल सर्च इंजन में अपना नाम बोल देती

खुल जाती हमारी लवस्टोरी 'कविता मेरी प्रियसी'

अरे पढ़ ले

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