दर्द में थी तुम's image
Love PoetryPoetry1 min read

दर्द में थी तुम

Bharat SinghBharat Singh August 12, 2022
Share0 Bookmarks 75 Reads1 Likes

दर्द में थी तुम

बात नहीं मुझसे कर सकती थी

तो पढ़ लेती मेरा लिखा हुआ

तुम्हें खुश रखने के लिए ही तो सब लिखा है मैंने

यूं मानो तुम्हें ही तो लिखा है मैंने

माना मेरे से बात ना करना तुम्हारी मजबूरी है

गूगल बाबा से मदद मांग लेती

गूगल सर्च इंजन में अपना नाम बोल देती

खुल जाती हमारी लवस्टोरी 'कविता मेरी प्रियसी'

अरे पढ़ लेती मेरा लिखा हुआ

तुम्हारा दर्द कम हो जाता

एहसास हो जाता तुम्हें कि तुम कितनी हिम्मतवाली हो

एहसास हो जाता तुम्हें तुम अकेली नहीं हो

एहसास हो जाता तुम्हें तुम मेरे लिए कितने खास हो

तुम पढ़ा करो मेरा लिखा हुआ ..

हमेशा जवान रहोगी

हमेशा चमकती रहोगी

हमेशा खुश रहोगी

दर्द में थी तुम

बात नहीं मुझसे कर सकती थी

तो पढ़ लेती मेरा लिखा हुआ

~ भरत सिंह

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts