होना और जीना's image
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हताशा है, निराशा है, नाकामी है, उदासी है, 
है अकेलापन, है धोके, है खोना, नाराजगी है, 
टूटे दिल, रिश्ते झूठे, नाकमियाबी और चकनाचूर होंसलो से,
मेयार-ए-ज़िन्दगी भरी पड़ी है ना जाने कितने मसलों से|

हैं आंख बंद तो अँधेरे की जगह परशानिया दिखती है,
बाजार में लोग कई है, पर चेहरों पर तन्हाईयाँ दिखती है,
मुस्कुराहटें खुश्क है, आँखों में गम साफ़ नजर आता है,
खुशियों का भवरा नहीं सुखी जिंदगी पे मंडराता है|

पर गर्दिश-ए-दौराँ की भी एक है खासियत, 
है खबर इसे भी, खुशियां है सब की मिलकियत,
इसीलिए हर मात के बाद हमेशा एक छोटी जीत लेकर आता है,
कई मसलें है जिंदगी में माना, पर होने और जीने में फ़र्क़ इन्ही से समझ में आता है| 

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