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इज्जत किसको मिलती है

Bechain SinghBechain Singh October 30, 2022
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बिन मतलब के साथ निभाऐं, 

वो ही तेरे अपने हैं, 


जीवन की जो राह दिखाऐं,

वो ही तेरे अपने हैं,


जज्बातों की कदर नहीं है, 

यह दुनिया का मेला है, 


झूठ के सब हैं संगी साथी, 

सच खड़ा अकेला है, 


धन दौलत, सुख दुःख का आना

समय का यह सब खेला है,


मैंने पूछा दुनिया से, 

इज्जत किसको मिलती है, 


इस दुनिया में यह तो बताओ, 

किसकी कितनी चलती है,


कलयुग में चलती है उसकी, 

जिसके हाथ में लाठी है, 


सत्ता, लक्ष्मी, पद, प्रतिष्ठा, 

सब उसे मिल जाती है,


दुनिया ने यह सिखलाया, 

सुख के सभी साथी हैं, 


इज्जत मिलती जरूरत को,

बिन जरूरत सब कुछ माटी है, 


अगर जरूरत आप की होगी, 

इज्जत खूब ही पाओगे, 


बिना जरूरत के तो भईया, 

पहचाने भी न जाओगे|


" बेचैन "

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