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थोड़ा और तो जीने देते..

Badri Nath KoiriBadri Nath Koiri October 18, 2022
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शराबों की आदत नहीं हमें
खुशियों से भरी एक कोल्डड्रिंक तो पीने देते,
साल कहां मांगा था हमने
बादल गमों के हटाने के कुछ और तो महीने देते,
अभी अभी तो जीना ही शुरू किया था,
थोड़ा और तो जीने देते।

बुझाना बाकी है पश्चाताप की आग को
पानी न थी तो पसीने देते,
गलतियों से फटी एक आदा शर्ट ही सीया था अभी
एक आदा और तो सीने देते,
अभी अभी तो जीना ही शुरू किया था,
थोड़ा और तो जीने देते।
 
-- बद्री नाथ कोईरी ‘ बादल ’

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