विरोध's image
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फूल की कली बढ़ती है

धीरे-धीरे धूप बरसात

और हवा के साथ अठखेलियां

करती हुई ...

एक दिन अचानक आ बैठता है

उस पर कोई भंवरा ...

फिर करता है उसकी अठखेलियां का विरोध

इस समाज में जन्म लेने के बाद

जैसे ब्याही गई लड़कियों की स्वतंत्रता का

होता है विरोध...



बी. एल.सम्पत

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